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पातोत दिया मास (केले के पत्ते में मछली)
कच्चे सरसों के पेस्ट, प्याज़ और हरी मिर्च में लिपटी मछली, केले के पत्ते में बांधकर धुएंदार होने तक पकाई गई — असम की अपनी पत्ते वाली मछली।
Ingredients
- 500 ग्राम रोहू के टुकड़े या साबुत छोटी मछली (पुठी, दरिकोना)
- 2 बड़ा चम्मच काली सरसों
- 1 छोटा प्याज़, बारीक कटा
- 4 लहसुन की कलियां
- 1 इंच अदरक
- 5 हरी मिर्च
- ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- 3 बड़ा चम्मच सरसों का तेल
- 4 केले के पत्ते के टुकड़े, लगभग 10 इंच चौकोर
- नमक स्वादानुसार
Method
- सरसों को गुनगुने पानी में 15 मिनट भिगोएं। लहसुन, अदरक, 3 हरी मिर्च और एक चुटकी नमक के साथ गाढ़ा पेस्ट पीसें, पानी एक-एक छोटा चम्मच ही डालें।
- पेस्ट में कटा प्याज़, हल्दी, नमक और 2 बड़े चम्मच कच्चा सरसों का तेल मिलाएं।
- मछली पर मसाला अच्छी तरह लगाकर 15 मिनट रखें।
- केले के पत्तों को कुछ सेकंड आंच पर घुमाएं ताकि वे चमकदार और नरम हो जाएं।
- हर पत्ते के बीच मछली का हिस्सा रखें, ऊपर एक चीरी मिर्च और कुछ बूंदें सरसों का तेल डालें। पोटली बनाकर धागे से बांधें।
- पोटलियों को भारी तवे या पैन पर ढककर धीमी आंच पर हर तरफ 8–10 मिनट पकाएं, जब तक पत्ता जगह-जगह झुलस न जाए।
- मेज़ पर खोलें और गरम चावल के साथ खाएं।
Tip: गांवों में पोटलियां चूल्हे के अंगारों में दबा दी जाती हैं। गैस पर लोहे का तवा और ढक्कन सबसे करीब वाला धुएंदार स्वाद देता है।