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गाहोरी पुरा (अंगारों पर भुना पोर्क)

चर्बी वाले पोर्क पर अदरक, लहसुन, मिर्च और सरसों का तेल मलकर, लकड़ी के अंगारों पर धीरे-धीरे भूनते हैं, जब तक किनारे काले पड़ें और चर्बी धुएं के साथ टपकने लगे।

Ingredients

Method

  1. पोर्क धो लें, छिलका खुरचकर साफ़ करें और आंच पर बाल जला दें। पोंछकर सुखा लें।
  2. अदरक, लहसुन, कुटी मिर्च, हल्दी, नमक और सरसों का तेल मिलाएं, और हर टुकड़े पर अच्छी तरह मलें।
  3. ढककर कम से कम 30 मिनट मैरिनेट करें, या गहरे स्वाद के लिए रात भर फ्रिज में रखें।
  4. लकड़ी या कोयले की आग जलाएं और उसे दहकते अंगारों तक बुझने दें, ऊंची लपटें न रहें।
  5. पोर्क को बांस की सींकों में पिरोएं, टुकड़े पास-पास रखें पर ठूंसें नहीं।
  6. अंगारों से लगभग 6 इंच ऊपर 40 से 50 मिनट भूनें, हर 5 मिनट में पलटें ताकि चर्बी पिघलकर टपके पर जले नहीं।
  7. बीच में बचा मसाला ऊपर से लगा दें। जब छिलका कुरकुरा हो जाए और अंदर गुलाबीपन न दिखे, तो पोर्क तैयार है।
  8. सींकों से उतारें और कच्चे प्याज़, नींबू और किसी पिटिका के साथ गरम परोसें।

Tip: टुकड़े चर्बी वाले ही रखें — बिहू की उरुका रात में टपकती चर्बी अंगारों को भड़काती है और गाहोरी पुरा को उसका गहरा धुएंदार स्वाद देती है।