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गाहोरी आरु माटिमाह (पोर्क और उड़द दाल)
भुनी हुई साबुत उड़द के साथ धीमी आंच पर पका पोर्क, जब तक दाल पोर्क की चर्बी से गाढ़ी और मलाईदार न हो जाए। असमिया घर की रसोई का भरपेट, सौंधा पकवान।
Ingredients
- 500 ग्राम चर्बी वाला पोर्क, 1 इंच के टुकड़ों में कटा
- 1 कप छिलके वाली काली उड़द (माटि माह), धुली हुई
- 2 मध्यम प्याज़, लंबे कटे
- 1 बड़ा चम्मच अदरक का पेस्ट
- 1 बड़ा चम्मच लहसुन का पेस्ट
- 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
- 4 हरी मिर्च, बीच से चीरी हुई
- 2 तेज पत्ता
- 1 बड़ा चम्मच सरसों का तेल
- नमक स्वादानुसार
Method
- माटि माह को कड़ाही में धीमी आंच पर 6 से 8 मिनट सूखा भूनें, जब तक रंग थोड़ा गहरा हो जाए और सौंधी खुशबू आए। धोकर गुनगुने पानी में 30 मिनट भिगो दें।
- भीगी माटि माह को 3 कप पानी और चुटकी भर हल्दी के साथ प्रेशर कुकर में 4 सीटी तक पकाएं — नरम हो, पर गले नहीं।
- इसी बीच, पोर्क को भारी पैन में सरसों के तेल और चुटकी भर नमक के साथ मध्यम आंच पर 15 मिनट पकाएं, जब तक चर्बी पिघल जाए।
- तेज पत्ता और प्याज़ डालकर पोर्क की चर्बी में 5 मिनट नरम होने तक भूनें।
- अदरक, लहसुन, हल्दी और जीरा पाउडर डालकर 3 मिनट भूनें।
- 1 कप पानी डालें, ढककर 25 मिनट पोर्क नरम होने तक पकाएं।
- पकी माटि माह पानी समेत डालें, हरी मिर्च और नमक डालें, और 10 से 15 मिनट चलाते हुए धीमी आंच पर पकाएं, जब तक गाढ़ी और मलाईदार हो जाए।
- थोड़ी दाल पैन के किनारे पर मसल दें ताकि गाढ़ापन आए, और गरम चावल के साथ परोसें।
Tip: माटि माह को पहले भूनने से ही इस पकवान में सौंधा, धुएंदार स्वाद आता है; इसे न छोड़ें। चर्बी वाला पोर्क ज़रूरी है, बिना चर्बी का मांस दाल को सूखा छोड़ देता है।